पिपरिया गांव का अंधेरे से सौर उजाले तक का सफर
स्थान: ग्रामीण भारत के धरातल से साक्षात् अनुभव
लखीमपुर के पिपरिया गांव में सूर्यास्त के बाद सन्नाटा पसर जाता था और विषैले सांप-बिच्छुओं का भय रहता था। अटल आदर्श ग्राम अभियान के तहत गांव की सभी मुख्य गलियों में 35 आधुनिक ऑटो-सोलर लाइटें लगाई गईं तथा प्राथमिक स्कूल में डिजिटल स्क्रीन दी गई। आज गांव की शामें जीवंत हैं और बच्चे शाम को भी सामुदायिक चौक में अध्ययन करते हैं।